दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, उत्तर प्रदेश
गाँव का विकास तभी संभव है, जब योजनाएँ सही लोगों तक, सही तरीके से पहुँचें।
दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (DDU SIRD), उत्तर प्रदेश में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर रहा है, ताकि हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुँच सके।
‘प्रशिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए’ के संकल्प के साथ यह संस्थान ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहा है।
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दिनांक 19 फरवरी 2026 को लखनऊ स्थित Water & Land Management Institute में आयोजित ‘SOURCE SUSTAINABILITY AND GREYWATER MANAGEMENT IN RURAL AREAS OF UTTAR PRADESH’ विषयक ओरिएंटेशन वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जी.एस. प्रियदर्शी जी, आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ने शिरकत की।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त महोदय ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और सतत् जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा: "प्रभावी योजना, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से हम जल सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। जल संरक्षण पर कार्य करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इस क्षेत्र
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त महोदय ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और सतत् जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा: "प्रभावी योजना, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से हम जल सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। जल संरक्षण पर कार्य करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इस क्षेत्र
दिनांक 19 फरवरी 2026 को लखनऊ स्थित Water & Land Management Institute में आयोजित ‘SOURCE SUSTAINABILITY AND GREYWATER MANAGEMENT IN RURAL AREAS OF UTTAR PRADESH’ विषयक ओरिएंटेशन वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जी.एस. प्रियदर्शी जी, आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ने शिरकत की।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त महोदय ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और सतत् जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा: "प्रभावी योजना, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से हम जल सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। जल संरक्षण पर कार्य करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इस क्षेत्र म
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त महोदय ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और सतत् जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा: "प्रभावी योजना, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से हम जल सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। जल संरक्षण पर कार्य करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इस क्षेत्र म
दिनांक 19 फरवरी 2026 को लखनऊ स्थित Water & Land Management Institute में आयोजित ‘SOURCE SUSTAINABILITY AND GREYWATER MANAGEMENT IN RURAL AREAS OF UTTAR PRADESH’ विषयक ओरिएंटेशन वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जी.एस. प्रियदर्शी जी, आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ने शिरकत की।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त महोदय ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और सतत् जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा: "प्रभावी योजना, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से हम जल सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। जल संरक्षण पर कार्य करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इस क्षेत्र मे
इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयुक्त महोदय ने जल स्रोतों की स्थिरता, ग्रे-वॉटर प्रबंधन और सतत् जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा: "प्रभावी योजना, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से हम जल सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं। जल संरक्षण पर कार्य करना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमने इस क्षेत्र मे
